Gandhian thought is timeless!
गांधीवादी विचारधारा उत्पादक, समावेशी और राष्ट्रवादी भारतीय राजनीति की कुंजी है
- विचार विभाग, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी!
महात्मा गांधी स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रताोत्तर राजनीतिक चिंतन के अगुआ थे।
गांधीजी की आर्थिक नीतियों ने ग्रामीण विकास, ग्राम सशक्तिकरण, स्थानीय स्वशासन, आत्मनिर्भरता, उत्पादन क्षमता आदि को बढ़ावा दिया।
महात्मा गांधी ने न्यास सिद्धांत को बढ़ावा दिया, जो बड़े व्यवसायों को समाज के प्रति अपना योगदान देने का आधार प्रदान करता है।
महात्मा गांधी के कार्यों से प्रेरित अधिकांश आर्थिक चिंतन भारत को स्व-प्रबंधित, उत्पादन में स्थानीय रूप से सशक्त बनाने और ग्राम एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
विचार विभाग आज गांधीजी को अधिकतम आर्थिक प्रगति और औद्योगिक विकास का सच्चा मार्गदर्शक मानता है।
गांधीवादी सिद्धांतों और प्रथाओं का पालन सार्वजनिक जीवन, सरकारी सेवाओं और दैनिक जीवन में किया जाना चाहिए। शुभकामनाएं 🙏
8 जनवरी 26
प्रोफेसर मोहम्मद ओसामा
* राज्य कार्यालय प्रभारी, विचार विभाग यूपीसीसी
* वरिष्ठ उपाध्यक्ष, श्रम प्रकोष्ठ यूपीसीसी
* यूपीसीसी के पूर्व पदाधिकारी (कई बार)
* लखनऊ
* ईमेल:prof.mohdossama@gmail.com

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